बाल-ब्रह्मचारी की विशेषतायें - जादू वह है, जो सिर पर चढकर बोले। इस युग में महर्षि दयानन्द ऐसे ही ब्रह्मचारी थे, जिन्होंने अपने ब्रह्मचर्य के ऐसे अनूठे चमत्कार दिखाये कि जिन्हें देखकर संसार दंग रह गया। 1867 ई. की बात है। चासी में बुलन्दशहर के प्रसिद्ध पहलवान ओमप्रकाश बोहरा ने स्वामी जी से उनकी मालिश करने का हठ किया। स्वामी...
बाल-ब्रह्मचारी की विशेषतायें -
जादू वह है, जो सिर पर चढकर बोले। इस युग में महर्षि दयानन्द ऐसे ही ब्रह्मचारी थे, जिन्होंने अपने ब्रह्मचर्य के ऐसे अनूठे चमत्कार दिखाये कि जिन्हें देखकर संसार दंग रह गया।
1867 ई. की बात है। चासी में बुलन्दशहर के प्रसिद्ध पहलवान ओमप्रकाश बोहरा ने स्वामी जी से उनकी मालिश करने का हठ किया। स्वामी जी ने चासी के बाग में अपनी टांगे फैला दीं और उसे मालिश करने को कहा। पहलवान मालिश करते हुए हांफने लगा। उसने कहा कि स्वामी जी की टांगों की पिण्डलिया तो फौलाद की तरह हैं।
1878 ई. में अगस्त मास में मेरठ बेनीप्रसाद और दूसरे नामी पहलवानों ने स्वामी जी से उनकी मालिश करने के लिए आज्ञा मांगी। स्वामी जी ने भूमि पर दायीं टांग फैलाकर कहा, इसे मालिश करने से पहले उठाकर तो देखो। पहलवानों से उठाये जाने पर भी टांग टस से मस न हुई।
1869 ई. में फर्रुखाबाद में कुछ पहलवानों ने स्वामी जी को अधिक कसरत करने की सलाह दी। स्वामी जी ने अपना अंगोछा निचोड़कर देते हुए कहा कि जरा इसे निचोड़ना। बहुत जोर लगाने पर भी कोई पहलवान उनके अंगोछे से एक बूंद भी पानी न निकाल सका।
1870 ई. में स्वामी जी कासगंज में कुछ लोगों के साथ सैर करने को निकले। अचानक सड़क के बीच में ही दो बड़े बैल लड़ते हुए दिखाई दिये। दो घण्टे से लोग उनकी लड़ाई देख रहे थे। स्वामी जी ने वहाँ पहुँचकर दोनों बैलों के सींगों को पकड़कर उन्हें अलग कर दिया। बैल उन्हें थोड़ी देर तक देखकर वापस चले गये।
1877 ई. में जालन्धर में स्वामी जी एक भरी सभा में ब्रह्मचर्य की महिमा का वर्णन कर रहे थे। उनके उपदेश के बाद वहाँ बैठे हुए सरदार विक्रमसिंह बोले, स्वामी जी! ब्रह्मचर्य का कोई उदाहरण तो हमारे सामने रखिये। सभा के बाद जब विक्रमसिंह दो घोड़ों की बग्घी पर सवार होकर जाने लगे, तो सरपट दौड़ते हुए घोड़े अचानक खड़े हो गये। चाबुक मारने पर भी वे टस से मस न हुए। सरदार विक्रमसिंह ने चकित होकर पीछे की ओर देखा, तो स्वामी दयानन्द पहिया पकड़कर खड़े थे। यह देखकर वे नतमस्तक हो गये।
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